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व्यक्ति के सामने जितनी विराट समस्या उपस्थित होती है और जब वह व्यक्ति किसी प्रकार साहस करके उसका समाधान करने के लिए प्रयास करता है , तब , निर्णय के क्षण से ही उसके व्यक्तित्व का प्रबल विकास होना प्रारम्भ होता है ।
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