vichar-manthan

चेतना और शुद्ध विचार ही उर्जा रूप में हमारी सृष्टी के वाहक हैं । विचार के सक्रिय होते ही मंथन आरम्भ होता है , मंथन की प्रक्रिया ही चैतन्य शुद्ध भाव प्रस्फुटित कर शब्दार्थ की अभिव्यक्ति करती है । शब्दार्थ का भावपूर्ण लेखन ही कभी कहानी , कविता , लेख , व्यंग और कभी हमारे आध्यात्म को रचता है ।
Home About Us Contact Us Releated Link English Books
 
कविता
कहानी
गुरुजी उवाच
लेख
आध्यात्म
चौपायातंत्र
मेरी पुस्तके
 

किसी भी भाव , विचार और चिंतन को पद्यात्मक शैली में , सरल शब्दावली से, लयात्मकता से गूंथा जा सकता है । वही कविता कही जाती है । 
कल्पनापूर्ण , स्पष्ट , प्रतीकात्मक , और व्यंगात्मक पुट के साथ भी हम भावों को कागज पर उतार सकते हैं । किसी भी विचार को रोचक बनाते हुए पीड़ा , खुशी , संतुष्टि या प्रेरणादाई बनाया जा सकता है । 
कविता हमारे भावों विचारों की सुंदर अभिव्यक्ति होती है ।s

Recent "Kavita"
शिक्षा में पलीता
दो जून की रोटी
टूटना मत
रंग सा बरस रहा है
महिला दिवस
मेरी दोस्ती
कबसे
More
Comments
CopyRight 2009 Vichar Manthan Powered By : Expert Infotech Bhopal