किसी भी भाव , विचार और चिंतन को पद्यात्मक शैली में , सरल शब्दावली से, लयात्मकता से गूंथा जा सकता है । वही कविता कही जाती है ।
कल्पनापूर्ण , स्पष्ट , प्रतीकात्मक , और व्यंगात्मक पुट के साथ भी हम भावों को कागज पर उतार सकते हैं । किसी भी विचार को रोचक बनाते हुए पीड़ा , खुशी , संतुष्टि या प्रेरणादाई बनाया जा सकता है ।
कविता हमारे भावों विचारों की सुंदर अभिव्यक्ति होती है ।s