पंचतत्व ही हमारी सृष्टि का मूल है । पृथ्वी पर प्राणिजगत में मानव का अस्तित्व भी पशु , पक्षी , कीट - पतंगों आदि के बिना असंभव है ।
जानवरों का व्यवहार , उनका आकार , रहन -सहन , आदतें आदि का सूक्ष्मता से निरिक्षण करने के बाद ही मानव ने विज्ञानं की ऊँचाइयों को छुआ ।
सदियों से पशु -पक्षियों और जानवरों के साथ इन्सान की मित्रता के रोचक किस्से हम पंचतंत्र की कहानियो के माध्यम से पढ़ते आ रहे हैं ।
चौपयातंत्र हमें जानवरों को मुख्य पात्र बनाकर शिक्षाप्रद लघु कहानियो का उपहार देता है । हमारे जीवन में जानवरों कीमहत्ता को बढाता है ।